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राजसी ठाट-बाट के साथ निकली भाद्रपद माह की पहली सवारी


        उज्‍जैन, सोमवार, 10 अगस्‍त 2020 । भाद्रपद माह के पहले एवं श्रावण--भाद्रपद क्रम के छटवे सोमवार को भगवान श्री महाकालेश्‍वर जी की सवारी राजसी ठाट-बाट के साथ नि‍कली। सवारी निकलने के पूर्व सभा मं‍डप में परंपरानुसार भगवान चन्‍द्रमौलेश्‍वर का पूजन-अर्चन किया गया। पूजन शासकीय पुजारी पं. घनश्‍याम शर्मा द्वारा संपन्‍न कराया गया। पूजन में श्री आशीष सिंह कलेक्‍टर एवं अध्‍यक्ष श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति, श्री मनोज सिंह पुलिस अधीक्षक, प्रशासक श्री एस.एस.रावत, महानिर्वाणी अखाडे के गादीपति महंत श्री विनीत गिरी जी महाराज ने पूजन किया। संपूर्ण सभामंडप भगवान श्री महाकालेश्‍वर के जयकारों से गूंज उठा। पूजन के उपरांत जैसे ही पालकी मुख्‍य प्रवेश द्वार पर पहुंची सशस्‍त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा सलामी दी गई। सवारी में भगवान ने भक्‍तजनों को चन्‍द्रमौ‍लेश्‍वर स्‍वरूप एवं मनमहेश स्‍वरूप में दर्शन दिये।



      संपूर्ण सवारी मार्ग रंग बिरंगे कारपेट से सुसज्जित होकर रंग बिरंग ध्‍वजों से आच्‍छादित व उत्‍कृष्‍ट रंगोली से सजाया गया था। सवारी में सुन्‍दर रंग बिरंगी छत्रियां आकर्षण का केन्‍द्र थी। सवारी में श्रद्धलुओं ने रामघाट, श्री हरसिद्धी माता मंदिर एवं श्री सती माता मंदिर पर आकर्षक सुनहरी आतिशबाजी का आनंद लिया। सवारी मार्ग में दो स्‍थानों बडे गणेश मंदिर एवं हरसिद्धी मंदिर पर भगवान का पूजन-अर्चन किया गया। पूरे सवारी मार्ग में नगाडों की गूंजती थाप व शहनाई की मधुर धुन से प्राचीन सांस्‍कृतिक स्‍वरूप प्रस्‍तुत कर सभी का मन मोह लिया।



   


विभिन्‍न स्‍थानों राणा जी छत्री, हरसिद्धी देवी मंदिर से सवारी के जीवंत दर्शन की उद्घोषणा व ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्‍कृतिक, विरासत का आंखों-देखा हाल उद्घोषकों ने सवारी के दौरान प्रस्‍तुत किया। सवारी बडा गणेश मंदिर व हरसिद्धि मंदिर चौराहा, नृसिंह घाट मार्ग, सिद्धाश्रम के सामने से होकर रामघाट पहुंची। वहां पर मॉ क्षिप्रा के जल से भगवान श्री चन्‍द्रमौलेश्‍वर का अभिषेक किया गया तदोपरांत सवारी रामानुज कोट, हरसिद्धि पाल, हरसिद्धि मंदिर के सामने से होकर पुन: श्री महाकालेश्‍वर मंदिर पहुंची। सवारी में श्री आनंद शर्मा संभायुक्‍त, उज्‍जैन संभाग उज्‍जैन, श्री राकेश गुप्‍ता आई.जी., डी.आई.जी. आदि वरिष्‍ठ अधिकारी भी शामिल हुए।



      मंदिर द्वारा सवारी के विभिन्‍न चैनलों, लोकल केबल आदि पर जीवंत दर्शन की व्‍यवस्‍था की गई। देश- विदेश के लाखों श्रद्धालुओं ने घर से ही भगवान की पालकी, सवारी का दर्शन कर पुण्‍य लाभ कमाया। मीडिया कर्मी आदि सभी की सराहनीय भूमिका रही।



        प्रशासन के विभिन्‍न विभागों विशेषकर पुलिस, नगर निगम, स्‍वास्‍थ्‍य, विद्धुत, जल प्रदाय, पी.डब्‍ल्‍यु. डी. आदि सभी ने दिन रात मेहनत कर सफल आयोजन में सहयोग प्रदान किया। जिस पर मंदिर प्रशासक श्री रावत ने सभी के प्रति धन्‍यवाद ज्ञापित किया।



https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=3193917550725420&id=100003216196317



✍ शुभम राधेश्याम चौऋषिया


 


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