Skip to main content

कोविड-19 पर अपडेट ; देश में इस बीमारी के 2,44,814 सक्रिय मामले हैं ; संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या इस बीमारी से संक्रमित मरीजों की संख्या से करीब 1.65 लाख अधिक

कोविड-19 पर अपडेट

संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 4 लाख से अधिक

संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या इस बीमारी से संक्रमित मरीजों की संख्या से करीब 1.65 लाख अधिक


दिनांक : 05 JUL 2020 1:43PM Delhi



कोविड-19 पर काबू पाने और इसकी रोकथाम के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ भारत सरकार के उठाए गए सामूहिक और केंद्रित प्रयासों की वजह से कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के ठीक होने की संख्या बढ़कर अब तक 4,09,082 हो गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान, कोविड-19 के कुल 14,856 रोगियों को ठीक किया गया है।


अब तक कोविड-19 के संक्रमण से ठीक होने वाले रोगियों की संख्या इस बीमारी से संक्रमित कुल लोगों की संख्या से 1,64,268 अधिक है। इसके साथ ही कोविड-19 से ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 60.77% हो गई है।


अभी इस बीमारी के 2,44,814 सक्रिय मामले हैं और सबका सक्रिय चिकित्सा देखरेख में इलाज चल रहा है।


देश में 21राज्य/केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जहां इस बीमारी से ठीक होने की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। यह सूची इस प्रकार है:


 




















































































































क्रम संख्या



राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश



स्वास्थ्य में सुधार की दर



1.



चंडीगढ



85.9%



2.



लद्दाख



82.2%



3.



उत्तराखंड



80.9%



4.



छत्तीसगढ



80.6%



5.



राजस्थान



80.1%



6.



मिजोरम



79.3%



7.



त्रिपुरा



77.7%



8.



मध्य प्रदेश



76.9%



9.



झारखंड



74.3%



10.



बिहार



74.2%



11.



हरियाणा



74.1%



12.



गुजरात



71.9%



13.



पंजाब



70.5%



14.



दिल्ली



70.2%



15.



मेघालय



69.4%



16.



ओडिशा



69.0%



17.



उत्तर प्रदेश



68.4%



18.



हिमाचल प्रदेश



67.3%



19.



पश्चिम बंगाल



66.7%



20



असम



62.4%



21



जम्मू कश्मीर



62.4%



 


देश में परीक्षण प्रयोगशाला नेटवर्क को लगातार बढ़ाया जा रहा है। 786सरकारी प्रयोगशालाओं और 314 निजी प्रयोगशालाओं के साथ देश में अभी 1100 प्रयोगशालाएं काम रही हैं। इसमें शामिल है:



  • वास्तविक समय आरटी पीसीआर आधारित परीक्षण प्रयोगशालाएं: 591 (सरकार: 368 + निजी: 223)

  • ट्रूनेट आधारित परीक्षण प्रयोगशाला: 417(सरकार: 385 + निजी: 32)

  • सीबीएनएएटी आधारित परीक्षण प्रयोगशालाएं: 92 (सरकार: 33 + निजी: 59)


कोविड-19 के लिए परीक्षण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए हाल ही में उठाए गए विभिन्न उपायों के साथ "परीक्षण (टेस्ट), पहचान (ट्रेस), उपचार (ट्रीट)" की केंद्रित कार्यनीति की वजह से हर दिन परीक्षण किए जा रहे नमूनों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान 2,48,934 नमूनों का परीक्षण किया गया है। आज की तारीख में शुरू से अब तक कुल 97,89,066 नमूनों की जांच की गई है।


स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘सामान्य चिकित्सा और विशेष मानसिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों के लिए एक मार्गदर्शन दस्तावेज’ जारी किया है। यह दस्तावेज


https://www.mohfw.gov.in/pdf/MentalHealthIssuesCOVID19NIMHANS.pdf पर उपलब्ध है।


कोविड-19 से संबंधित तकनीकी मुद्दों पर सभी प्रामाणिक और अद्यतन जानकारी,दिशा-निर्देश और परामर्श के लिए नियमित रूप से https://www.mohfw.gov.in/और @MoHFW_INDIA। देखें।


कोविड-19 से संबंधित तकनीकी सवाल technquery.covid19@gov.inऔर अन्य सवाल ncov2019@gov.inतथा @CovidIndiaSevaपर भेजे जा सकते हैं।


कोविड​​-19 पर किसी भी प्रश्न के संबंध में कृपया स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की हेल्पलाइन नंबर: + 91-11-23978046 या 1075 (टोल-फ्री) पर कॉल करें। कोविड-19 पर राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के हेल्पलाइन नंबरों की सूची https://www.mohfw.gov.in/pdf/coronvavirushelplinenumber.pdfपर भी उपलब्ध है।


Bkk News


Bekhabaron Ki Khabar - बेख़बरों की खबर


Bekhabaron Ki Khabar, magazine in Hindi by Radheshyam Chourasiya / Bekhabaron Ki Khabar: Read on mobile & tablets - http://www.readwhere.com/publication/6480/Bekhabaron-ki-khabar


Comments

मध्यप्रदेश खबर

नेशनल न्यूज़

Popular posts from this blog

आधे अधूरे - मोहन राकेश : पाठ और समीक्षाएँ | मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे : मध्यवर्गीय जीवन के बीच स्त्री पुरुष सम्बन्धों का रूपायन

  आधे अधूरे - मोहन राकेश : पीडीएफ और समीक्षाएँ |  Adhe Adhure - Mohan Rakesh : pdf & Reviews मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे - प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा हिन्दी के बहुमुखी प्रतिभा संपन्न नाट्य लेखक और कथाकार मोहन राकेश का जन्म  8 जनवरी 1925 को अमृतसर, पंजाब में  हुआ। उन्होंने  पंजाब विश्वविद्यालय से हिन्दी और अंग्रेज़ी में एम ए उपाधि अर्जित की थी। उनकी नाट्य त्रयी -  आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस और आधे-अधूरे भारतीय नाट्य साहित्य की उपलब्धि के रूप में मान्य हैं।   उनके उपन्यास और  कहानियों में एक निरंतर विकास मिलता है, जिससे वे आधुनिक मनुष्य की नियति के निकट से निकटतर आते गए हैं।  उनकी खूबी यह थी कि वे कथा-शिल्प के महारथी थे और उनकी भाषा में गज़ब का सधाव ही नहीं, एक शास्त्रीय अनुशासन भी है। कहानी से लेकर उपन्यास तक उनकी कथा-भूमि शहरी मध्य वर्ग है। कुछ कहानियों में भारत-विभाजन की पीड़ा बहुत सशक्त रूप में अभिव्यक्त हुई है।  मोहन राकेश की कहानियां नई कहानी को एक अपूर्व देन के रूप में स्वीकार की जाती हैं। उनकी कहानियों में आधुनिक जीवन का कोई-न-कोई विशिष्ट पहलू उजागर

हिंदी कथा साहित्य / संपादक प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा

हिंदी कथा साहित्य की भूमिका और संपादकीय के अंश : किस्से - कहानियों, कथा - गाथाओं के प्रति मनुष्य की रुचि सहस्राब्दियों पूर्व से रही है, लेकिन उपन्यास या नॉवेल और कहानी या शार्ट स्टोरी के रूप में इनका विकास पिछली दो सदियों की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। हिंदी में नए रूप में कहानी एवं उपन्यास  विधा का आविर्भाव बीसवीं शताब्दी में हुआ है। वैसे संस्कृत का कथा - साहित्य अखिल विश्व के कथा - साहित्य का जन्मदाता माना जाता है। लोक एवं जनजातीय साहित्य में कथा – वार्ता की सुदीर्घ परम्परा रही है। इधर आधुनिक हिन्दी कथा साहित्य का विकास संस्कृत - कथा - साहित्य अथवा लोक एवं जनजातीय कथाओं की समृद्ध परम्परा से न होकर, पाश्चात्य कथा साहित्य, विशेषतया अंग्रेजी साहित्य के प्रभाव रूप में हुआ है।  कहानी कथा - साहित्य का एक अन्यतम भेद और उपन्यास से अधिक लोकप्रिय साहित्य रूप है। मनुष्य के जन्म के साथ ही साथ कहानी का भी जन्म हुआ और कहानी कहना - सुनना मानव का स्वभाव बन गया। सभी प्रकार के समुदायों में कहानियाँ पाई जाती हैं। हमारे देश में तो कहानियों की सुदीर्घ और समृद्ध परंपरा रही है। वेद - उपनिषदों में वर्णित यम-य

कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति का उत्कृष्ट पुरस्कार

  उज्जैन : मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति का सर्वप्रथम क्रियान्वयन करने पर जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एनवायरनमेंट एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो एवं प्राणीशास्त्र एवं जैवप्रौद्योगिकी विभाग, शासकीय विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन जबलपुर में किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति के सर्वप्रथम क्रियान्वयन के लिए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षानीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय की प्रशासनिक कार्यकुशलता से आज विश्वविद्यालय नई शिक्षा का क्रियान्वयन करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक एवं कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कुलपति प्रो पांडेय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक