Skip to main content

कोरोना के बेहतर इलाज की मिसाल बना शहर का कोविड केयर सेन्टर पीटीएस

"सफलता की कहानी"
कोरोना के बेहतर इलाज की मिसाल बना शहर का कोविड केयर सेन्टर पीटीएस,
अभी तक जितने भी लोग इलाज के लिये आये,
पूर्णत: स्वस्थ होकर घर गये,
सोमवार को 3 लोग कोरोना संक्रमण से पूर्णत: स्वस्थ होकर अपने घरों को गये,
अपर कलेक्टर श्री अवि प्रसाद और नोडल डॉ.एएस तोमर ने शुभकामनाएं देकर विदा किया



उज्जैन 27 जुलाई। सोमवार को मक्सी रोड स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल से तीन लोग कोरोना संक्रमण से पूर्णत: स्वस्थ होकर अपने-अपने घरों को गये। इस दौरान नोडल अधिकारी पीटीएस और अपर कलेक्टर श्री अवि प्रसाद और पीटीएस के नोडल डॉ.एएस तोमर ने ठीक होकर घर जा रहे लोगों को शुभकामनाएं दी। डॉ.तोमर ने अपने घर जा रहे लोगों से कहा कि वे अगले 10 दिनों तक पूर्णत: क्वारेंटाईन रहें, भोजन में अधिक तला-गला भोजन का सेवन न करें, हरी सब्जियां, फल और आसानी से पचने वाला भोजन डाइट में शामिल करें।



डॉ.तोमर ने लोगों से कहा कि यदि उन्हें दोबारा सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण होते हैं तो तुरन्त बिना देर किये फीवर क्लिनिक में जाकर डॉक्टर को दिखायें। आज जो लोग स्वस्थ होकर अपने घर जा रहे हैं वे फोन के माध्यम से अपने परिजनों तथा पड़ौसियों को भी यह बतायें कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिये। इन सावधानियों का जितना अधिक प्रचार-प्रसार होगा, उतनी ही आमजन में जागरूकता फैलेगी। इसके अलावा सभी लोग अपने मोबाइल पर सार्थक एप डाउनलोड करें। डॉ.तोमर द्वारा ठीक होकर जा रहे लोगों से पीटीएस में इलाज के दौरान हुए अनुभव के बारे में पूछा गया। साथ ही उन्हें यहां किसी प्रकार की कोई समस्या तो नहीं हुई, इस बारे में भी पूछा।



अपने घर जा रहे तीनों लोगों ने एक स्वर में यही कहा कि पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में इलाज की उत्तम व्यवस्था है। यहां उन्हें समय-समय पर पौष्टिक भोजन और दवाएं दी गई। साथ ही डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ द्वारा उनका पूरा-पूरा ख्याल रखा गया। डॉ.तोमर ने लोगों से कहा कि वे कोरोना जैसी बीमारी को हराकर आज अपने घर जा रहे हैं। बस सभी लोगों से यही एक बात कहें कि कोरोना संक्रमण से डरने की बजाय सतर्कता बरतना ज्यादा जरूरी है। उन्हें सही समय पर इलाज मिल सका, इसीलिये वे आज पूर्णत: स्वस्थ होकर सकुशल अपने घर लौट रहे हैं।


लोगों द्वारा अपने घर रवाना होने से पहले सभी डॉक्टरों, अधिकारियों और मेडिकल स्टाफ तथा सफाई कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया। स्टाफ द्वारा भी तालियां बजाकर लोगों की हौसला अफज़ाई की गई और शुभकामनाएं देकर उन्हें अपने घर के लिये रवाना किया गया। रवाना होने से पहले लोगों को डॉ.वसीम खान द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किये गये। इस दौरान डॉ.अनमोल जैन, डॉ.कपिल चौहान, डॉ.अरविंद भटनागर, डॉ.शुकदेव, डॉ.विजय कुमार पांचाल, डॉ.रोहित पराते, डॉ.प्रांजल गुप्ता, डॉ.श्रीना टीटी, डॉ.दीपक विश्वकर्मा, फार्मासिस्ट श्री अमित यादव, श्री ब्रजमोहन कौशल, स्टाफ नर्स सुश्री चन्दा गरूड़ा, सुश्री सोनम दांगी, सुश्री पूजा सोलंकी, सुश्री गायत्री वाडिया, सुश्री कविता, सुश्री पुष्पा अग्रवाल, सुश्री टीना अहिरवार, सुश्री प्रियंका परमार, सुश्री अनीता टांक, श्री एम्बरोज जॉर्ज तथा सफाई कर्मचारी सर्वश्री अभय, भूराभाई, लाखन, राहुल, राजूबाई और लोकेश मौजूद थे।


Bkk News


Bekhabaron Ki Khabar - बेख़बरों की खबर


Bekhabaron Ki Khabar, magazine in Hindi by Radheshyam Chourasiya / Bekhabaron Ki Khabar: Read on mobile & tablets - http://www.readwhere.com/publication/6480/Bekhabaron-ki-khabar



Comments

मध्यप्रदेश खबर

नेशनल न्यूज़

Popular posts from this blog

कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति का उत्कृष्ट पुरस्कार

  उज्जैन : मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति का सर्वप्रथम क्रियान्वयन करने पर जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एनवायरनमेंट एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो एवं प्राणीशास्त्र एवं जैवप्रौद्योगिकी विभाग, शासकीय विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन जबलपुर में किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति के सर्वप्रथम क्रियान्वयन के लिए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षानीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय की प्रशासनिक कार्यकुशलता से आज विश्वविद्यालय नई शिक्षा का क्रियान्वयन करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक एवं कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कुलपति प्रो पांडेय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक

आधे अधूरे - मोहन राकेश : पाठ और समीक्षाएँ | मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे : मध्यवर्गीय जीवन के बीच स्त्री पुरुष सम्बन्धों का रूपायन

  आधे अधूरे - मोहन राकेश : पीडीएफ और समीक्षाएँ |  Adhe Adhure - Mohan Rakesh : pdf & Reviews मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे हिन्दी के बहुमुखी प्रतिभा संपन्न नाट्य लेखक और कथाकार मोहन राकेश का जन्म  8 जनवरी 1925 को अमृतसर, पंजाब में  हुआ। उन्होंने  पंजाब विश्वविद्यालय से हिन्दी और अंग्रेज़ी में एम ए उपाधि अर्जित की थी। उनकी नाट्य त्रयी -  आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस और आधे-अधूरे भारतीय नाट्य साहित्य की उपलब्धि के रूप में मान्य हैं।   उनके उपन्यास और  कहानियों में एक निरंतर विकास मिलता है, जिससे वे आधुनिक मनुष्य की नियति के निकट से निकटतर आते गए हैं।  उनकी खूबी यह थी कि वे कथा-शिल्प के महारथी थे और उनकी भाषा में गज़ब का सधाव ही नहीं, एक शास्त्रीय अनुशासन भी है। कहानी से लेकर उपन्यास तक उनकी कथा-भूमि शहरी मध्य वर्ग है। कुछ कहानियों में भारत-विभाजन की पीड़ा बहुत सशक्त रूप में अभिव्यक्त हुई है।  मोहन राकेश की कहानियां नई कहानी को एक अपूर्व देन के रूप में स्वीकार की जाती हैं। उनकी कहानियों में आधुनिक जीवन का कोई-न-कोई विशिष्ट पहलू उजागर हुआ है। राकेश मुख्यतः आधुन

नरेश जिनिंग की जमीन पर मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए विधायक श्री पारस चन्द्र जैन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

 ■ नरेश जिनिंग की जमीन पर मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए विधायक श्री पारस चन्द्र जैन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र ● विधायक ने उज्जैन जिला कलेक्टर को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए लिखा पत्र   उज्जैन । भारत स्काउट एवं गाइड मध्यप्रदेश के राज्य मीडिया प्रभारी राधेश्याम चौऋषिया ने जानकारी देते हुए बताया कि, आज विधायक श्री पारस चन्द्र जैन जी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री जी श्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखकर उनके द्वारा उज्जैन में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा किए जाने पर उज्जैन की जनता की ओर से बहुत बहुत धन्यवाद देकर आभार प्रकट किया गया । मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में विधायक श्री जैन ने लिखा कि, उज्जैन शहर के मध्य आगर रोड़ स्थित नरेश जिनिंग की जमीन को उज्जैन जिला प्रशासन द्वारा हाल ही में  अतिक्रमण से मुक्त करवाया गया है । इस जमीन का उपयोग मेडिकल कॉलेज हेतु किया जा सकता है क्योंकि यह शहर के मध्य स्थित है तथा इसी जमीन के पास अनेक छोटे-बड़े अस्पताल आते हैं । इसी प्रकार विनोद मिल की जमीन भी उक्त मेडिकल कॉलेज हेतु उपयोग की जा सकती हैं क्योंकि इसी जमीन के आसपास उज्जैन का शासकीय जिला चिकित्सालय, प्रसूतिग