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होटल एवं ढाबों में कोई भी बाल श्रमिक कार्य करता न पाया जाये, अधिकारी लगातार चेक करते रहें –कमिश्नर



कमिश्नर ने श्रम अधिकारियों को निर्देश दिये कि हितग्राहियों को अन्त्येष्टी सहायता देने में कोई विलंब न हो



उज्जैन । उज्जैन संभाग कमिश्नर श्री आनन्द कुमार शर्मा ने 23 जुलाई को श्रम विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने संभाग के सभी जिलों के श्रम अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने जिलों के होटल एवं ढाबों में तथा ऐसी जगह जहां बाल श्रमिक पाये जाने की संभावना हो, वहां लगातार पड़ताल करते रहें, लगातार चेकिंग अभियान चलाते रहें। कोई भी होटल, ढाबों या अन्य जगह बाल श्रमिक कार्य करता हुआ पाया जाता है तो कार्य कराने वालों के विरूद्ध श्रम कानूनों के अनुसार कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। उन्होंने हितग्राहियों को संबल योजना के अन्तर्गत अन्त्येष्टी सहायता देने में विलंब न करने के निर्देश दिये और कहा कि किसी श्रमिक की मृत्यु हो जाती है तो तत्काल उनके परिजनों को पांच हजार रुपये की अन्त्येष्टी सहायता दी जाये। सहायता देने में कोई कोताही न बरती जाये। बैठक में बताया गया कि मप्र भवन संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अन्तर्गत वर्ष 2019-20 में विवाह सहायता के अन्तर्गत उज्जैन में 718, आगर-मालवा में 54, शाजापुर में 596, मंदसौर में 911 एवं देवास में 624 हितग्राहियों को सहायता राशि स्वीकृत की गई थी। वहीं अन्त्येष्टी सहायता योजना अन्तर्गत उज्जैन में 111, आगर-मालवा में 15, शाजापुर में 5, मंदसौर में 7 एवं देवास में 56 व्यक्तियों को सहायता राशि प्रदान की है।




बाल श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम के तहत उज्जैन में एक बाल श्रमिक, शाजापुर में 9, नीमच में 8, आगर-मालवा में 7 बाल श्रमिक विभिन्न संस्थानों, होटलों एवं ढाबों में पाये गये थे, जिन्हें मुक्त कराया गया।


बैठक में कमिश्नर ने सीएम हेल्पलाइन से सम्बन्धित प्रकरणों की जानकारी ली और लम्बित आरआरसी के प्रकरणों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने श्रमिक से सम्बन्धित प्रकरणों में तत्काल सुनवाई कर प्रकरणों के निराकरण करने के निर्देश दिये।


बैठक में सहायक श्रमायुक्त श्रीमती मेघना भट्ट सहित सभी जिलों के श्रम अधिकारी उपस्थित थे।


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