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कालभैरव मंदिर क्षेत्र के विकास हेतु 200 करोड़ रूपये की योजना तैयार की जाएगी ; कलेक्टर ने स्मार्ट सिटी के विभिन्न प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की


उज्जैन 26 जून। स्मार्ट सिटी के कार्यों के अंतर्गत उज्जैन के धार्मिक पर्यटन में विशेष स्थान रखने वाले काल भैरव मंदिर के विकास की योजना तैयार की जा रही है। मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 200 करोड़ रूपये का प्लान तैयार कर स्वीकृती हेतु भेजा जाएगा। इसके तहत आकर्षक प्रवेश द्वार, आसपास के क्षेत्र में टू-व्हीलर, फोर व्हीलर पार्किंग की सुविधा, प्लाजा का निर्माण, लैण्ड स्केपिंग, मंदिर के एक्सटर्नल क्षेत्र का विकास, लाईटिंग, सीसीटीवी कैमरे, साईनेज, वाच टावर, सुविधागृहों आदि का काम हाथ में लिए जाने की योजना है।  कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने सिंहस्थ मेला कार्यालय में नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, स्मार्ट सिटी के टीम लीडर, आर्किटेक्ट एवं इंजिनियर के साथ बैठक ली।



बैठक में मृदा प्रोजेक्ट एवं महाकाल क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि मृदा प्रोजेक्ट फेस-2 के तहत महाराजवाड़ा कॉम्प्लेक्स के निर्माण में पूर्व के हेरिटेज भवन का संरक्षण किया जाएगा। इसी के साथ पब्लिक एमीनेटिज, सीटिंग एरिया, म्यूजियम का निर्माण करते हुए महाकाल मंदिर एवं छोटा रुद्र सागर से इस क्षेत्र को जोड़ा जाएगा। इसी तरह अन्न क्षेत्र का निर्माण भी किया जाएगा जिसमें 1800 लोगों की डायनिंग कैपेसिटी, 100 लोगों की लॉजिंग कैपिसटी एवं मॉडर्न ऑटोमैटिक किचन का निर्माण किया जाएगा। रामघाट क्षेत्र में डेडिकेटेड पैडेस्टियन पाथ, गली के व्यापारियों का व्यवस्थिकरण, गलियों का सौंदर्यीकरण, रामघाट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। साथ ही घाटों पर डायनामिक लाईटिंग की व्यवस्था की जाएगी।


 बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में स्मार्ट सिटी द्वारा मृदा प्रोजेक्ट के फेस वन में 154 करोड़ की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग,  मिडवे  जोन व  महाकाल थीम पार्क का कार्य जारी है। कलेक्टर ने फेस वन के कार्य वर्ष के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश दिये है।


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