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विशाखापट्टनम स्मार्ट सिटी ऑपरेशंस सेंटर कोविड-19 प्रबंधन के लिए 24 घंटे क्रियाशील रहता है

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय


ऑपरेशंस सेंटर खोज, निगरानी एवं जागरूकता प्रसार गतिविधियों का संचालन करता है




विशाखापट्टनम का स्मार्ट सिटी ऑपरेशंस सेंटर कोविड-19 प्रबंधन के लिए तीन शिफ्टों में 24 घंटे संचालन करता है। इस सेंटर में निम्नलिखित कार्य किए जाते हैं-



  • नगर भर में 90 स्थानों पर संस्थापित सार्वजनिक घोषणा प्रणालियों के जरिये कोविड-19 से संबंधित चौकसी उपायों एवं सूचनाओं की घोषणा

  • नगर भर में 10 प्रमुख स्थानों पर संस्थापित डिजिटल साइनबोर्ड (वैरियेबल मैसेज डिसप्ले) के जरिये कोविड-19 सूचनाओं का प्रसार

  • निरीक्षण प्रणाली (नगर भर में संस्थापित 500 कैमरे) महत्वपूर्ण क्षेत्रों एवं प्रमुख जंक्शनों की निगरानी करती है।

  • सीओसी पर कोविड हेल्पडेस्क/संपर्क केंद्र दिन प्रति दिन के आधार पर सीएमओएच एवं डीएमओएच के समन्वय के साथ विदेशों से लौटे नागरिकों का पता लगाती है और निगरानी करती है। हेल्पडेस्क/संपर्क केंद्र सार्वजनिक स्वास्थ्य, नगर एवं जिला स्तर अधिकारियों जैसे लाइन विभागों के साथ समन्वय कर 24 घंटे कार्य करती है।

  • आपातकालीन कालों का उत्तर देने और तदनुरुप लाइन विभागों के साथ अनुवर्ती कार्रवाई के लिए सीओसी पर एक टॉल फ्री नंबर स्थापित किया गया

  • विदेश से लौटने वाले सभी लोगों का पता लगाने एवं मानचित्रण के लिए एक मोबाइल ऐप्लीकेशन डेवेलप किया गया। मोबाइल ऐप्लीकेशन के माध्यम से प्राप्त सूचना के आधार पर क्लस्टर मैपिंग और हाई रिस्क कलर कोडिंग मैप को डिजिटाइज किया गया जिसमें वर्ग वार क्लस्टरों का निर्माण किया गया अर्थात सीओसी में जीआईएस का उपयोग करते हुए 0-14, 15-28 एवं 28 दिनों से अधिक दिनों की पहचान की गई। जिला प्रशासन द्वारा उपरोक्त विश्लेषण के आधार पर औचक नमूने भी संग्रहित किए गए।

  • मोबाइल ऐप्लीकेशन चिन्हित पॉजिटिव क्षेत्रों में प्रक्षेत्र स्तर एएनएम/आशा/स्वयंसेवक द्वारा नियंत्रण क्लस्टर के सर्वे के लिए विकसित किया जाता है।

  • विशाखापट्टनम में 20 रैपिड रिस्पांस टीमों (आरआरटी) का गठन किया गया और संबंधित टीम एम्बुलेंस में फिक्स्ड मोबाइल टैब्स के जरिये इन टीमों को ट्रैक किया जाता है।

  • एक आरआरटी ऐप्लीकेशन डेवलप किया गया जिसमें संबंधित टीमों के सभी चिकित्सक सीधे फील्ड से अटेंड किए गए संदिग्धों/नागरिकों के विवरण अपलोड कर रहे है। रियल टाइम में इनकी निगरानी सीओसी एवं संबंधित समितियों द्वारा की जाती है।

  • लक्षण वाले नागरिकों के लिए नमूना संग्रह हेतु 4 मोबाइल टीमों का गठन किया गया। इन टीमों की निगरानी मोबाइल टैब्स आधारित ट्रैकिंग के जरिये सीओसी द्वारा की जाती है। इसके अतिरिक्त, संबंधित चिकित्सक रियल टाइम आधार पर मोबाइल ऐप्लीकेशन के जरिये नागरिकों के विवरण प्रस्तुत करते हैं।

  • स्वयंसेवकों द्वारा हर द्वार पर किए जाने वाले सर्वे की निगरानी की जाती है और नियमित रूप से इनकी रिपोर्ट संबंधित प्रभारी समिति को प्रस्तुत की जाती है।

  • सार्वजनिक स्वास्थ्य विंग द्वारा नियंत्रण क्षेत्रों में ब्लीचिंग एवं अन्य सैनिटेशन गतिविधियों की निगरानी के लिए एक मोबाइल ऐप्लीकेशन का विकास किया गया।

  • सोशल मीडिया के जरिये अनिवार्य एवं ग्रोसरी वेंडरों के विवरण वितरित किए गए। अनिवार्य एवं ग्रोसरी मुद्दों से संबंधित किसी भी शिकायत के निवारण के लिए समर्पित हेल्प डेस्क नंबर 0891-2869106, 2869110 प्रसारित किए गए।

  • ट्वीटर/फेसबुक जैसे मीडिया प्लेटफार्मों के जरिये सावधानी बरतने से संबंधित संदेश/सूचनाएं प्रकाशित की गईं।


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