Skip to main content

श्री संतोष गंगवार ने देश में कामगारों की समस्याओं के समाधान हेतु समन्वित प्रयासों के लिए राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से नोडल अधिकारी नामित करने को कहा

श्रम और रोजगार मंत्रालय


केंद्रीय श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संतोष गंगवार ने विभिन्न राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों से कोविड -19 महामारी के चलते हुए लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों और मजदूरों की समस्याओं से जुड़े मुद्दों के सामाधान के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्थापित नियंत्रण कक्षों के साथ समन्वय करने के लिए अपने यहां के श्रम विभाग से नोडल अधिकारियों को नामित करने का आग्रह किया है।


श्री गंगवार ने कल राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के श्रम मंत्रियों को लिखे पत्र में, कहा कि इन नोडल अधिकारियों को केन्द्र की ओर से बनाए गए 20 नियंत्रण कक्षों के बारे में पूरी जानकारी दी जानी चाहिए। केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा,"श्रमिकों की शिकायतों को हल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।"


श्रम और रोजगार मंत्रालय ने हाल ही में कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन की वजह से श्रमिकों के समक्ष उत्पन्न होने वाली समस्यायों के निराकरण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य श्रम आयुक्तों की अध्यक्षता में 20 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। शुरुआती स्तर पर इन नियंत्रण कक्षों के जरिए केवल केन्द्रीय योजनाओं से जुड़ी वेतन संबंधी तथा प्रवासी श्रमिकों से जुड़ी समस्याओं का समाधान ही किया जाता रहा। हालाँकि,पिछले कुछ दिनों में इन नियंत्रण कक्षों के संचालन के बाद, यह पाया गया कि 20 नियंत्रण कक्षों में कल तक प्राप्त कुल 2100 शिकायतों में से 1400 विभिन्न राज्य / केन्द्र शासित प्रदेशों की सरकारों से संबंधित हैं। इस तरह, श्रम एक समवर्ती विषय होने के नाते, यह महत्वपूर्ण है कि शिकायतों के समाधान के लिए विभिन्न राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश सरकारों के साथ एक उचित समन्वय स्थापित किया जाए। श्री गंगवार ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र के साथ ही उन्हें 20 केन्द्रीय नियंत्रण कक्षों और वहां प्रतिनियुक्त किए गए अधिकारियों के नामों की सूची भी भेजी है।


Bkk News


Bekhabaron Ki Khabar - बेख़बरों की खबर


Bekhabaron Ki Khabar, magazine in Hindi by Radheshyam Chourasiya / Bekhabaron Ki Khabar: Read on mobile & tablets - http://www.readwhere.com/publication/6480/Bekhabaron-ki-khabar


Comments

मध्यप्रदेश समाचार

देश समाचार

Popular posts from this blog

आधे अधूरे - मोहन राकेश : पाठ और समीक्षाएँ | मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे : मध्यवर्गीय जीवन के बीच स्त्री पुरुष सम्बन्धों का रूपायन

  आधे अधूरे - मोहन राकेश : पीडीएफ और समीक्षाएँ |  Adhe Adhure - Mohan Rakesh : pdf & Reviews मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे - प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा हिन्दी के बहुमुखी प्रतिभा संपन्न नाट्य लेखक और कथाकार मोहन राकेश का जन्म  8 जनवरी 1925 को अमृतसर, पंजाब में  हुआ। उन्होंने  पंजाब विश्वविद्यालय से हिन्दी और अंग्रेज़ी में एम ए उपाधि अर्जित की थी। उनकी नाट्य त्रयी -  आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस और आधे-अधूरे भारतीय नाट्य साहित्य की उपलब्धि के रूप में मान्य हैं।   उनके उपन्यास और  कहानियों में एक निरंतर विकास मिलता है, जिससे वे आधुनिक मनुष्य की नियति के निकट से निकटतर आते गए हैं।  उनकी खूबी यह थी कि वे कथा-शिल्प के महारथी थे और उनकी भाषा में गज़ब का सधाव ही नहीं, एक शास्त्रीय अनुशासन भी है। कहानी से लेकर उपन्यास तक उनकी कथा-भूमि शहरी मध्य वर्ग है। कुछ कहानियों में भारत-विभाजन की पीड़ा बहुत सशक्त रूप में अभिव्यक्त हुई है।  मोहन राकेश की कहानियां नई कहानी को एक अपूर्व देन के रूप में स्वीकार की जाती हैं। उनकी कहानियों में आधुनिक जीवन का कोई-न-कोई विशिष्

तृतीय पुण्य स्मरण... सादर प्रणाम ।

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1003309866744766&id=395226780886414 Bekhabaron Ki Khabar - बेख़बरों की खबर Bekhabaron Ki Khabar - बेख़बरों की खबर Bkk News Bekhabaron Ki Khabar, magazine in Hindi by Radheshyam Chourasiya / Bekhabaron Ki Khabar: Read on mobile & tablets -  http://www.readwhere.com/publication/6480/Bekhabaron-ki-khabar

खाटू नरेश श्री श्याम बाबा की पूरी कहानी | Khatu Shyam ji | Jai Shree Shyam | Veer Barbarik Katha |

संक्षेप में श्री मोरवीनंदन श्री श्याम देव कथा ( स्कंद्पुराणोक्त - श्री वेद व्यास जी द्वारा विरचित) !! !! जय जय मोरवीनंदन, जय श्री श्याम !! !! !! खाटू वाले बाबा, जय श्री श्याम !! 'श्री मोरवीनंदन खाटू श्याम चरित्र'' एवं हम सभी श्याम प्रेमियों ' का कर्तव्य है कि श्री श्याम प्रभु खाटूवाले की सुकीर्ति एवं यश का गायन भावों के माध्यम से सभी श्री श्याम प्रेमियों के लिए करते रहे, एवं श्री मोरवीनंदन बाबा श्याम की वह शास्त्र सम्मत दिव्यकथा एवं चरित्र सभी श्री श्याम प्रेमियों तक पहुंचे, जिसे स्वयं श्री वेद व्यास जी ने स्कन्द पुराण के "माहेश्वर खंड के अंतर्गत द्वितीय उपखंड 'कौमारिक खंड'" में सुविस्तार पूर्वक बहुत ही आलौकिक ढंग से वर्णन किया है... वैसे तो, आज के इस युग में श्री मोरवीनन्दन श्यामधणी श्री खाटूवाले श्याम बाबा का नाम कौन नहीं जानता होगा... आज केवल भारत में ही नहीं अपितु समूचे विश्व के भारतीय परिवार ने श्री श्याम जी के चमत्कारों को अपने जीवन में प्रत्यक्ष रूप से देख लिया हैं.... आज पुरे भारत के सभी शहरों एवं गावों में श्री श्याम जी से सम्बंधित संस्थाओं