Skip to main content

बेरोजगारी मुद्दे से केन्द्र सरकार विफल रही है : संजीव शुक्ला

भारतीय युवा कांग्रेस ने बेरोजगारी मुद्दे पर केन्द्र सरकार को घेरा, यंग इंडिया के बोल २०२० के माध्यम से युवाओं को लाएंगे मंच पर



उज्जैन। बेरोजगारी मुद्दे पर केन्द्र सरकार पूरी तरह विफल रही है। २ करोड़ लोगों को रोजगार देने का केन्द्र की मोदी सरकार ने वायदा किया था, लेकिन जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, उस अनुसार वर्ष २०१८ में १२ हजार युवाओं ने बेरोजगारी के चलते आत्महत्या की। मोदी सरकार अनावश्यक मुद्दों पर जनता का ध्यान भटका रही है।



यह बात भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजीव शुक्ला ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि बेरोजगारों को मंच देने के उद्देश्य से बेरोजगारी विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रतियोगिता होगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। प्रतियोगिता सभी के लिए नि:शुल्क है। १८ से ३५ आयु वर्ग के युवा इसमें भाग ले सकेंगे। युवा भारत के बोल भाषण प्रतियोगिता-२०२० के विजेताओं को मेमेंटोस से सम्मानित किया जाएगा। सभी आवेदकों को भागीदारी का प्रमाण पत्र दिया जाएगा और विजेता को उत्कृष्टता का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। प्रतियोगिता का अंतिम कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। भाषण हिन्दी, अंग्रेजी और सभी क्षेत्रीय भाषा में होगा। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि २९ फरवरी रहेगी।



संजीव शुक्ला ने आगे कहा कि केन्द्र सरकार बेरोजगारी मुद्दे पर बिलकुल ध्यान नहीं दे रही है। वर्ष २०१४ के मुकाबले आज बेरोजगारी दर दुगनी हो गई है। मोदी सरकार की कुनीतियों के कारण देश विकास में पीछे हो रहा है। मोदी सरकार सिर्फ नोटबंदी, हिन्दू-मुस्लिम, झूठा राष्ट्रवाद, जीएसटी में लोगों में उलझा रही है। मोदी सरकार बेरोजगारी के विषय पर कोई बात नहीं करती है। कई एजेंसियों ने बेरोजगारी के जो आंकड़े जारी किए हैं वे बड़े गंभीर हैं। मोदी सरकार ने २ करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, इसके उलट राष्ट्रीय एजेंसियों के आंकड़ों के अनुसार वर्ष २०१८ में १२ हजार से ज्यादा युवाओं ने बेरोजगारी से त्रस्त होकर आत्महत्या की। लोगों को रोजगार मिले, इसके लिए किसी तरह का कोई कार्यक्रम तैयार नहीं किया। केन्द्र सरकार कॉरपोरेट जगत के लोगों को छूट दे रही है। मंदी को उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है।



प्रवक्ता अहमद शमशाद ने बताया कि देश में राजीव गांधी को बहुमत से सरकार मिली थी। उन्होंने पंचायती राज को पूरे भारत में सशक्त बनाया। उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने जो 2 करोड़ लोगों को नौकरी देने का वादा किया था, वह झूठा निकला। जबकि राजस्थान सरकार ने 1 लाख लोगों के लिए नौकरी की व्यवस्था की।



श्री शुक्ला ने बताया कि भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से प्रदेश से १० प्रवक्ता चयन किए जाएंगे। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक भाषण 2 से 3 मिनट का होगा। नौकरी के मुद्दे पर श्री शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने पिछले ११ महीने में ५ लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार से जोड़ा। ११६४० सरकारी पदों को भरा गया है। मध्यप्रदेश में ४० प्रतिशत बेरोजगारी घटी है। इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता पर आधारित एक पोस्टर का भी विमोचन किया गया। पत्रकार वार्ता में युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष चन्द्रभानसिंह चंदेल, बबलू खींची, शकील अहमद, आशीष, कमल, ओम, अमन आदि उपस्थित थे।


Bekhabaron Ki Khabar - बेख़बरों की खबर


Bekhabaron Ki Khabar, magazine in Hindi by Radheshyam Chourasiya / Bekhabaron Ki Khabar: Read on mobile & tablets - http://www.readwhere.com/publication/6480/Bekhabaron-ki-khabar


Comments

मध्यप्रदेश समाचार

देश समाचार

Popular posts from this blog

आधे अधूरे - मोहन राकेश : पाठ और समीक्षाएँ | मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे : मध्यवर्गीय जीवन के बीच स्त्री पुरुष सम्बन्धों का रूपायन

  आधे अधूरे - मोहन राकेश : पीडीएफ और समीक्षाएँ |  Adhe Adhure - Mohan Rakesh : pdf & Reviews मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे - प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा हिन्दी के बहुमुखी प्रतिभा संपन्न नाट्य लेखक और कथाकार मोहन राकेश का जन्म  8 जनवरी 1925 को अमृतसर, पंजाब में  हुआ। उन्होंने  पंजाब विश्वविद्यालय से हिन्दी और अंग्रेज़ी में एम ए उपाधि अर्जित की थी। उनकी नाट्य त्रयी -  आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस और आधे-अधूरे भारतीय नाट्य साहित्य की उपलब्धि के रूप में मान्य हैं।   उनके उपन्यास और  कहानियों में एक निरंतर विकास मिलता है, जिससे वे आधुनिक मनुष्य की नियति के निकट से निकटतर आते गए हैं।  उनकी खूबी यह थी कि वे कथा-शिल्प के महारथी थे और उनकी भाषा में गज़ब का सधाव ही नहीं, एक शास्त्रीय अनुशासन भी है। कहानी से लेकर उपन्यास तक उनकी कथा-भूमि शहरी मध्य वर्ग है। कुछ कहानियों में भारत-विभाजन की पीड़ा बहुत सशक्त रूप में अभिव्यक्त हुई है।  मोहन राकेश की कहानियां नई कहानी को एक अपूर्व देन के रूप में स्वीकार की जाती हैं। उनकी कहानियों में आधुनिक जीवन का कोई-न-कोई विशिष्

तृतीय पुण्य स्मरण... सादर प्रणाम ।

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1003309866744766&id=395226780886414 Bekhabaron Ki Khabar - बेख़बरों की खबर Bekhabaron Ki Khabar - बेख़बरों की खबर Bkk News Bekhabaron Ki Khabar, magazine in Hindi by Radheshyam Chourasiya / Bekhabaron Ki Khabar: Read on mobile & tablets -  http://www.readwhere.com/publication/6480/Bekhabaron-ki-khabar

मालवी भाषा और साहित्य : प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा

MALVI BHASHA AUR SAHITYA: PROF. SHAILENDRAKUMAR SHARMA पुस्तक समीक्षा: डॉ श्वेता पंड्या Book Review : Dr. Shweta Pandya  मालवी भाषा एवं साहित्य के इतिहास की नई दिशा  लोक भाषा, लोक साहित्य और संस्कृति का मानव सभ्यता के विकास में अप्रतिम योगदान रहा है। भाषा मानव समुदाय में परस्पर सम्पर्क और अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। इसी प्रकार क्षेत्र-विशेष की भाषा एवं बोलियों का अपना महत्त्व होता है। भारतीय सभ्यता और संस्कृति से जुड़े विशाल वाङ्मय में मालवा प्रदेश, अपनी मालवी भाषा, साहित्य और संस्कृति के कारण महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। यहाँ की भाषा एवं लोक-संस्कृति ने  अन्य क्षेत्रों पर प्रभाव डालते हुए अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। मालवी भाषा और साहित्य के विशिष्ट विद्वानों में डॉ. शैलेन्द्रकुमार शर्मा का नाम बड़े आदर से लिया जाता है। प्रो. शर्मा हिन्दी आलोचना के आधुनिक परिदृश्य के विशिष्ट समीक्षकों में से एक हैं, जिन्होंने हिन्दी साहित्य की विविध विधाओं के साथ-साथ मालवी भाषा, लोक एवं शिष्ट साहित्य और संस्कृति की परम्परा को आलोचित - विवेचित करने का महत्त्वपूर्ण एवं सार्थक प्रयास किया है। उनकी साहित्य