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सफलता के लिए जीवन के उद्देश्य उदात्त होने चाहिए – उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव

दो दिवसीय विश्वविद्यालयीन युवा उत्सव का समापन एवं पुरस्कार वितरण हुआ

उज्जैन : हमारे जीवन के उद्देश्य उदात्त होने चाहिए, तभी सफलता मिलती है। इस बात की शिक्षा स्वामी विवेकानंद जी से मिलती है। वे सही अर्थों में युवा ऊर्जा के प्रतीक हैं। इक्कीसवीं सदी में देश - दुनिया के सामने आईं अनेक चुनौतियों और कठिनाइयों के बीच से निकलने के लिए भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयास अविस्मरणीय सिद्ध हुए हैं। उनके प्रयासों और प्रोत्साहन से ओलंपिक खेलों में भारत के खिलाड़ियों ने श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पहली बार अनेक पदक अर्जित किए। उन्होंने स्वयं के जीवन में आईं कठिनाइयों से मुकाबला करते हुए अपना सब कुछ राष्ट्र के हित के लिए अर्पित कर दिया है। उनके महान संकल्पों से करोड़ों भारतवासियों के जीवन में स्वयं के घर का सपना साकार हुआ है। रसोई गैस चूल्हे करोड़ों लोगों के घरों तक पहुंचे हैं। पुरुषार्थ के माध्यम से हम समाज और देश का कल्याण कर सकते हैं। कोई भी व्यक्ति सफल होता है तो कई लोगों को ईर्ष्या होती है, लेकिन उनसे मुक्त रहकर हम अपना श्रेष्ठ करें। दुनिया में जो कुछ नया हो रहा है, उसमें भारत के युवाओं की रचनात्मक सोच की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। युवा सदैव नया करने का सोचें। समग्र विकास के लिए युवा उत्सव जैसे आयोजन अत्यंत महत्त्वपूर्ण होते हैं।

ये उद्गार मध्य प्रदेश के माननीय उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन द्वारा आयोजित अंतरजिला विश्वविद्यालयीन युवा उत्सव के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में स्वर्ण जयंती सभागार में व्यक्त किए।

अध्यक्षीय उद्बोधन में विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय ने कहा कि युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए विक्रम विश्वविद्यालय में अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। विगत वर्ष में विश्वविद्यालय में कई नवीन पाठ्यक्रम प्रारंभ हुए हैं। माननीय उच्च मंत्री डॉ मोहन यादव जी की संकल्पना के अनुरूप विविध प्रकार के रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की दिशा में यह विश्वविद्यालय अग्रणी भूमिका निभाएगा। विक्रम विश्वविद्यालय परिक्षेत्र के विद्यार्थियों को अब किसी भी पाठ्यक्रम के लिए अन्य विश्वविद्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं है। यहां प्रारंभ किए गए फूड टेक्नोलॉजी, पुलिस साइंस, फॉरेंसिक साइंस, कृषि, वानिकी, विधि, ललित कला, सूचना प्रौद्योगिकी सहित डेढ़ सौ से अधिक पाठ्यक्रमों में सैकड़ों विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। श्रेष्ठ प्रस्तुति बिना साधना के नहीं हो सकती है। युवजन आगे भी अपने श्रेष्ठ का प्रदर्शन करेंगे। बार - बार प्रयास करने से सफलता जरूर मिलती है।

आयोजन के विशिष्ट अतिथि कार्यपरिषद सदस्य श्री राजेश सिंह कुशवाह, कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक, कुलानुशासक प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा एवं लीड कॉलेज प्राचार्य डॉ वंदना गुप्ता मंचासीन थे। प्रारंभ में स्वागत भाषण युवा उत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो एच पी सिंह ने दिया। अतिथि स्वागत एवं स्मृति चिह्न अर्पण कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक, आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो एच पी सिंह, विद्यार्थी कल्याण संकायाध्यक्ष डॉ एस के मिश्रा ने किया।

विभिन्न विधाओं में विजेता रहे प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव, कुलपति प्रोफ़ेसर अखिलेश कुमार पांडेय एवं मंचासीन अतिथियों ने पुरस्कार वितरित किए।



समापन दिवस पर प्रातः से दोपहर तक सांस्कृतिक, साहित्यिक और रूपांकन वर्ग की विधाओं में विद्यार्थियों ने अपनी साधना और प्रतिभा का परिचय दिया। आयोजन में 22 विधाओं में विक्रम परिक्षेत्र के लगभग साढ़े तीन सौ से अधिक प्रतिभागियों और संस्कृतिकर्मियों ने भाग लिया। इस उत्सव में प्रथम स्थान अर्जित करने वाले विद्यार्थी अगले चरण में राज्य स्तरीय युवा उत्सव में भाग लेने के लिए महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय, छतरपुर जाएंगे।

आयोजन का संचालन डॉ निवेदिता वर्मा ने किया। आभार विद्यार्थी कल्याण संकायाध्यक्ष डॉ एस के मिश्रा ने माना।

युवा उत्सव के परिणाम









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