Skip to main content

मॉल एवं मॉल में संचालित सभी दुकानें 12 से 4 तक ही खुली रखने के निर्देश

कोरोना वायरस से बचने के लिये धारा-144 के तहत आदेश जारी


मॉल एवं मॉल में संचालित सभी दुकानें 12 से 4 तक ही खुली रखने के निर्देश


उज्जैन 20 मार्च। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री आरपी तिवारी ने कोरोना वायरस से बचाव के लिये उज्जैन जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा क्षेत्र में दण्ड प्रक्रिया संहिता-1973 की धारा-144 में निहित शक्तियों का उपयोग कर प्रतिबंधात्मक आदेश पारित कर दिये हैं। जारी आदेश के तहत जिले के सभी मॉल एवं मॉल में संचालित सभी दुकानें, आऊटलेट, शोरूम आदि में होने वाली भीड़ के संक्रमण की संभावना को देखते हुए आगामी आदेश तक व्यावसायिक मॉल केवल दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक ही खोले जायेंगे। मॉल में संचालित ग्लोसरी एवं किराना स्टोर की साफ-सफाई की उपयुक्त व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये गये हैं।


जारी निर्देश के अनुसार मॉल खोले जाने के लिये निर्धारित समय में उपस्थित उपभोक्ताओं के मध्य सोशल डिस्टेंस बनाये रखने के लिये परस्पर एक मीटर की दूसरी बनाये रखने की व्यवस्था मॉल संचालकों द्वारा की जायेगी।


सैलानियों की जांच हाइवे चेकपोस्ट पर होगी


प्रतिबंधात्मक आदेश के अनुसार उज्जैन जिले के सीमावर्ती प्रदेश राजस्थान से आने वाले सैलानियों की जांच, हाइवे चेकपोस्ट पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच सुनिश्चित कराई जाने के निर्देश दिये गये हैं। आने वाले यात्रियों के विशिष्ट प्रारूप में नाम, पता, मोबाइल नम्बर और जिनके यहां जा रहे हैं उनका पता, मोबाइल नम्बर दर्ज करने के निर्देश दिये गये हैं।


एक सीट पर एक यात्री बैठेगा


पब्लिक यातायात में सोशल डिस्टेंस लागू करने की दृष्टि से प्रत्येक सीट पर केवल एक ही व्यक्ति को बैठाने के निर्देश दिये गये हैं। इससे अधिक यात्री बस में न बैठाने के लिये कहा गया है। साथ ही निर्देश दिये गये हैं कि सार्वजनिक उपयोग में आने वाली बस आदि में सफाई एवं स्वच्छता की दृष्टि से डिसइंफेक्शन बार-बार किया जाये।


सभी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारी अल्टरनेट कार्य पर आयेंगे


जारी आदेश के अनुसार सभी विभागों के कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि वे रोस्टर बनाकर शासकीय कार्य सम्पादित करने हेतु अल्टरनेट 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति प्रतिदिन सुनिश्चित करें। यह निर्देश स्वास्थ्य, पुलिस, पेयजल व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई से जुड़े अमले, अग्निशमन सेवाएं, दूरसंचार सेवाओं पर लागू नहीं होगा। साथ ही सभी अन्तर्राज्यीय, अन्तर्जिला बस संचालित कर रहे संचालक एवं बस ऑपरेटरों को निर्देशित किया गया है कि वे बस की नियमित साफ-सफाई, फ्यूमिगेशन, कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के उपाय का प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित करेंगे। इसी तरह शासकीय, निजी क्षेत्र की सभी संस्थाएं जहां अत्यधिक आवागमन होता है, वहां पर भी नियमित रूप से साफ-सफाई एवं कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के उपाय करने को कहा गया है।



Bekhabaron Ki Khabar - बेख़बरों की खबर


Bkk News


Bekhabaron Ki Khabar, magazine in Hindi by Radheshyam Chourasiya / Bekhabaron Ki Khabar: Read on mobile & tablets - http://www.readwhere.com/publication/6480/Bekhabaron-ki-khabar



Comments

मध्यप्रदेश समाचार

देश समाचार

Popular posts from this blog

आधे अधूरे - मोहन राकेश : पाठ और समीक्षाएँ | मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे : मध्यवर्गीय जीवन के बीच स्त्री पुरुष सम्बन्धों का रूपायन

  आधे अधूरे - मोहन राकेश : पीडीएफ और समीक्षाएँ |  Adhe Adhure - Mohan Rakesh : pdf & Reviews मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे - प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा हिन्दी के बहुमुखी प्रतिभा संपन्न नाट्य लेखक और कथाकार मोहन राकेश का जन्म  8 जनवरी 1925 को अमृतसर, पंजाब में  हुआ। उन्होंने  पंजाब विश्वविद्यालय से हिन्दी और अंग्रेज़ी में एम ए उपाधि अर्जित की थी। उनकी नाट्य त्रयी -  आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस और आधे-अधूरे भारतीय नाट्य साहित्य की उपलब्धि के रूप में मान्य हैं।   उनके उपन्यास और  कहानियों में एक निरंतर विकास मिलता है, जिससे वे आधुनिक मनुष्य की नियति के निकट से निकटतर आते गए हैं।  उनकी खूबी यह थी कि वे कथा-शिल्प के महारथी थे और उनकी भाषा में गज़ब का सधाव ही नहीं, एक शास्त्रीय अनुशासन भी है। कहानी से लेकर उपन्यास तक उनकी कथा-भूमि शहरी मध्य वर्ग है। कुछ कहानियों में भारत-विभाजन की पीड़ा बहुत सशक्त रूप में अभिव्यक्त हुई है।  मोहन राकेश की कहानियां नई कहानी को एक अपूर्व देन के रूप में स्वीकार की जाती हैं। उनकी कहानियों में आधुनिक जीवन का कोई-न-कोई विशिष्

तृतीय पुण्य स्मरण... सादर प्रणाम ।

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=1003309866744766&id=395226780886414 Bekhabaron Ki Khabar - बेख़बरों की खबर Bekhabaron Ki Khabar - बेख़बरों की खबर Bkk News Bekhabaron Ki Khabar, magazine in Hindi by Radheshyam Chourasiya / Bekhabaron Ki Khabar: Read on mobile & tablets -  http://www.readwhere.com/publication/6480/Bekhabaron-ki-khabar

मालवी भाषा और साहित्य : प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा

MALVI BHASHA AUR SAHITYA: PROF. SHAILENDRAKUMAR SHARMA पुस्तक समीक्षा: डॉ श्वेता पंड्या Book Review : Dr. Shweta Pandya  मालवी भाषा एवं साहित्य के इतिहास की नई दिशा  लोक भाषा, लोक साहित्य और संस्कृति का मानव सभ्यता के विकास में अप्रतिम योगदान रहा है। भाषा मानव समुदाय में परस्पर सम्पर्क और अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। इसी प्रकार क्षेत्र-विशेष की भाषा एवं बोलियों का अपना महत्त्व होता है। भारतीय सभ्यता और संस्कृति से जुड़े विशाल वाङ्मय में मालवा प्रदेश, अपनी मालवी भाषा, साहित्य और संस्कृति के कारण महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। यहाँ की भाषा एवं लोक-संस्कृति ने  अन्य क्षेत्रों पर प्रभाव डालते हुए अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। मालवी भाषा और साहित्य के विशिष्ट विद्वानों में डॉ. शैलेन्द्रकुमार शर्मा का नाम बड़े आदर से लिया जाता है। प्रो. शर्मा हिन्दी आलोचना के आधुनिक परिदृश्य के विशिष्ट समीक्षकों में से एक हैं, जिन्होंने हिन्दी साहित्य की विविध विधाओं के साथ-साथ मालवी भाषा, लोक एवं शिष्ट साहित्य और संस्कृति की परम्परा को आलोचित - विवेचित करने का महत्त्वपूर्ण एवं सार्थक प्रयास किया है। उनकी साहित्य