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आत्मनिर्भर विज्ञान के संवादवाहकों की भूमिका निभाएँ शिक्षाविद -- श्री पटेरिया


विक्रम विश्वविद्यालय द्वारा आत्मनिर्भर भारत - आगे की राह पर तीन दिवसीय व्याख्यानमाला का उद्घाटन संपन्न


उज्जैन। आइक्यूएसी, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन  की ओर से 27 से 29 मई 2020 तक आयोजित की जा रही तीन दिवसीय राष्ट्रीय वेब व्याख्यानमाला का उद्घाटन बुधवार प्रातः 11 बजे हुआ। आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना एवं क्रियान्वयन पर केंद्रित इस महत्वपूर्ण व्याख्यानमाला में देश के अनेक ख्यातनाम विद्वान, नीति निर्माता एवं विषय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। व्याख्यान शृंखला के प्रथम दिवस पर सम्पन्न दो सत्रों की अध्यक्षता विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बालकृष्ण शर्मा ने की।



अतिथि वक्ता प्रोफेसर मनोज कुमार पटेरिया, सलाहकार एवं अध्यक्ष, नेशनल काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्यूनिकेशन, नई दिल्ली ने अपने व्याख्यान में वर्तमान परिप्रेक्ष्य में स्मार्ट कम्यूनिकेशन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश के सभी शिक्षक, वैज्ञानिक और विद्यार्थी आत्मनिर्भर विज्ञान के संवाद वाहकों की भूमिका निभाएँ। इस तरह के प्रयासों से समाज में सार्थक संवाद स्थापित हो सकेगा। उन्होंने कोविड-19 ई- पुस्तिका का उल्लेख किया, जिसमें कार्टून कथाओं के माध्यम से विभिन्न प्रकार की जिज्ञासाओं का समाधान रोचक शैली में किया गया है।


व्याख्यानमाला के दूसरे वक्ता प्रोफेसर पवन कुमार सिंह, मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, गुड़गांव ने अपने व्याख्यान के माध्यम से आत्मनिर्भर मानसिकता के विकास की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपनिषद एवं भगवत गीता के उपदेशों, संदेशों पर आधारित व्यवसाय एवं प्रबंधन की स्थापना की आवश्यकता प्रतिपादित की। उन्होंने कहा कि प्रभावी संवाद आत्म साक्षात्कार की ओर प्रवृत्त करने वाला होता है। वर्तमान समय आत्मनिर्भरता के साथ अंतरनिर्भरता का भी है। 


अध्यक्षीय उद्बोधन में विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बालकृष्ण शर्मा ने कहा कि संवाद और चिंतन के धरातल पर इस प्रकार के आयोजन आत्मनिर्भर देश के निर्माण में सहायक सिद्ध होंगे।


आइक्यूएसी के निदेशक प्रोफेसर पी के वर्मा ने व्याख्यानमाला के महत्त्व और  उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन के माध्यम से हमारा देश आत्मनिर्भरता के लिए जरूरी संसाधन एवं मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेगा। भविष्य में भी विश्वविद्यालय में इस तरह के आयोजन किए जाएंगे। 


प्रारंभ में विश्वविद्यालय कुलगान डॉक्टर प्रिया दुबे ने प्रस्तुत किया। स्वागत भाषण विज्ञान संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर शोभा जैन ने दिया।


 प्रो. शैलेंद्रकुमार शर्मा, कुलानुशासक, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि, गूगल मीट प्लेटफॉर्म पर संपन्न  हो रहे इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में देश के विभिन्न संस्थानों से जुड़े शिक्षाविदों, विक्रम विश्वविद्यालय परिक्षेत्र के महाविद्यालयों, संस्थानों और अध्ययनशालाओं  के शिक्षकों एवं अध्येताओं ने सहभागिता की।


संचालन डॉ स्वाति दुबे ने किया। व्याख्यानमाला के अंत में आभार प्रदर्शन प्रोफेसर देवेंद्र मोहन कुमावत ने किया। राष्ट्रीय वेब व्याख्यानमाला में 28 एवं  29 मई 2020 को प्रतिदिन दो - दो व्याख्यान होंगे।  


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