Skip to main content

लाइफलाइन उड़ान के अंतर्गत 430 उड़ानें संचालित की गईं

नागरिक उड्डयन मंत्रालय





एयर इंडिया, अलायंस एयर, आईएएफ और निजी विमान वाहकों द्वारा लाइफलाइन उड़ान के तहत 430 उड़ानें संचालित की गई हैं। इनमें से 252 उड़ानें एयर इंडिया और अलायंस एयर द्वारा संचालित की गई हैं। अब तक ले जाया गया कार्गो लगभग 795.86 टन है। लाइफलाइन उड़ान द्वारा तय की गई अब तक की हवाई दूरी 4,21,790 किमी से अधिक है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा लाइफलाइन उड़ान की उड़ानों को संचालित किया जा रहा है ताकि कोविड-19 के खिलाफ भारत के युद्ध का समर्थन करने के लिए देश के दूर-दराज के हिस्सों में आवश्यक चिकित्सा कार्गो का परिवहन किया जा सके।


पवन हंस लिमिटेड सहित हेलीकॉप्टर सेवाएं जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, द्वीपों और पूर्वोत्तर क्षेत्र में महत्वपूर्ण चिकित्सा कार्गो और रोगियों का परिवहन कर रही है।पवन हंस ने 2 मई, 2020 तक 7,729 किमी की दूरी तय करते हुए 2.27 टन कार्गो का परिवहन किया है। इसमें विशेष ध्यान पूर्वोत्तर क्षेत्र, द्वीपों और पहाड़ी राज्यों पर दिया गया है। एयर इंडिया और आईएएफ ने मुख्य रूप से जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, पूर्वोत्तर और अन्य द्वीप क्षेत्रों के लिए सहयोग किया है।


घरेलू कार्गो ऑपरेटर स्पाइसजेट, ब्लू डार्ट, इंडिगो और विस्तारा वाणिज्यिक आधार पर कार्गो उड़ानें संचालित कर रहे हैं। स्पाइसजेट ने 24 मार्च से 2 मई 2020 के दौरान 13,09,310 किमी की दूरी को कवर करते हुए 760 कार्गो उड़ानें संचालित कीं और 5,519 टन माल ढोया है। इनमें से 279 अंतर्राष्ट्रीय कार्गो उड़ानें थीं। ब्लू डार्ट ने 25 मार्च से 2 मई 2020 के दौरान 2,76,768 किमी की दूरी को कवर करते हुए 253 कार्गो उड़ानों का संचालन किया और 4,364 टन माल ढोया। इनमें से 12 अंतर्राष्ट्रीय कार्गो उड़ानें थीं। इंडिगो ने 3 अप्रैल से 2 मई 2020 के दौरान 1,43,604 किमी की दूरी को कवर करते हुए 87 कार्गो उड़ानें संचालित की हैं और लगभग 423 टन कार्गो का परिवहन किया है जिनमें 32 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं। इसमें सरकार के लिए मुफ्त में ढोई जाने वाली चिकित्सा आपूर्ति भी शामिल है। विस्तारा ने 19 अप्रैल से 2 मई 2020 के दौरान 28,590 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए लगभग 139 टन माल ढोने वाली 20 कार्गो उड़ानें संचालित की हैं।


अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में दवा, चिकित्सा उपकरण और कोविड-19 राहत सामग्री के परिवहन के लिए पूर्वी एशिया के साथ एक कार्गो एयर-ब्रिज की स्थापना की गई थी। इसमें एयर इंडिया द्वारा पूर्वी एशिया से लाए गए मेडिकल कार्गो की मात्रा 899 टन है।उपरोक्त के अलावा 14 अप्रैल से लेकर 2 मई 2020 तक ब्लू डार्ट ने गुआंगझू और शंघाई से लगभग 114 टन चिकित्सा सामग्री का परिवहन किया है। स्पाइसजेट ने भी 2 मई 2020 तक शंघाई और गुआंगझू से 204 टन चिकित्सा सामग्री का परिवहन किया और 2 मई 2020 तक हॉन्ग कॉन्ग और सिंगापुर से 16 टन चिकित्सा आपूर्ति का परिवहन किया। 


Bkk News


Bekhabaron Ki Khabar - बेख़बरों की खबर


Bekhabaron Ki Khabar, magazine in Hindi by Radheshyam Chourasiya / Bekhabaron Ki Khabar: Read on mobile & tablets - http://www.readwhere.com/publication/6480/Bekhabaron-ki-khabar


Comments

मध्यप्रदेश खबर

नेशनल न्यूज़

Popular posts from this blog

आधे अधूरे - मोहन राकेश : पाठ और समीक्षाएँ | मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे : मध्यवर्गीय जीवन के बीच स्त्री पुरुष सम्बन्धों का रूपायन

  आधे अधूरे - मोहन राकेश : पीडीएफ और समीक्षाएँ |  Adhe Adhure - Mohan Rakesh : pdf & Reviews मोहन राकेश और उनका आधे अधूरे - प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा हिन्दी के बहुमुखी प्रतिभा संपन्न नाट्य लेखक और कथाकार मोहन राकेश का जन्म  8 जनवरी 1925 को अमृतसर, पंजाब में  हुआ। उन्होंने  पंजाब विश्वविद्यालय से हिन्दी और अंग्रेज़ी में एम ए उपाधि अर्जित की थी। उनकी नाट्य त्रयी -  आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस और आधे-अधूरे भारतीय नाट्य साहित्य की उपलब्धि के रूप में मान्य हैं।   उनके उपन्यास और  कहानियों में एक निरंतर विकास मिलता है, जिससे वे आधुनिक मनुष्य की नियति के निकट से निकटतर आते गए हैं।  उनकी खूबी यह थी कि वे कथा-शिल्प के महारथी थे और उनकी भाषा में गज़ब का सधाव ही नहीं, एक शास्त्रीय अनुशासन भी है। कहानी से लेकर उपन्यास तक उनकी कथा-भूमि शहरी मध्य वर्ग है। कुछ कहानियों में भारत-विभाजन की पीड़ा बहुत सशक्त रूप में अभिव्यक्त हुई है।  मोहन राकेश की कहानियां नई कहानी को एक अपूर्व देन के रूप में स्वीकार की जाती हैं। उनकी कहानियों में आधुनिक जीवन का कोई-न-कोई विशिष्ट पहलू उजागर

कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति का उत्कृष्ट पुरस्कार

  उज्जैन : मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति का सर्वप्रथम क्रियान्वयन करने पर जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षा नीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एनवायरनमेंट एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो एवं प्राणीशास्त्र एवं जैवप्रौद्योगिकी विभाग, शासकीय विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजन दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन जबलपुर में किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति के सर्वप्रथम क्रियान्वयन के लिए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय को नई शिक्षानीति में उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अखिलेश कुमार पांडेय की प्रशासनिक कार्यकुशलता से आज विश्वविद्यालय नई शिक्षा का क्रियान्वयन करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ प्रशांत पुराणिक एवं कुलानुशासक प्रो शैलेन्द्र कुमार शर्मा ने कुलपति प्रो पांडेय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक

केबिनेट मंत्री का मिला दर्जा निगम, मंडल, बोर्ड तथा प्राधिकरण के अध्यक्षों को, उपाध्यक्षों को मिला राज्य मंत्री का दर्जा

भोपाल : बुधवार, दिसम्बर 29, 2021 - मध्यप्रदेश शासन ने निगम, मण्डल, बोर्ड और प्राधिकरण के नव-नियुक्त अध्यक्षों को केबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान करने के आदेश जारी कर दिये हैं। केबिनेट मंत्री का दर्जा उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्राप्त होगा। इसी प्रकार निगम, मण्डल, बोर्ड और प्राधिकरण के नव-नियुक्त उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान करने के आदेश भी जारी हो गये हैं। यह भी संबंधित नव-नियुक्त उपाध्यक्षों को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्राप्त होगा। मध्यप्रदेश राज्य शासन ने बुधवार, 29 दिसम्बर 2021 को श्री शैलेन्द्र बरूआ मध्यप्रदेश पाठ्य-पुस्तक निगम, श्री शैलेन्द्र शर्मा मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड, श्री जितेन्द्र लिटौरिया मध्यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, श्रीमती इमरती देवी मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड, श्री एंदल सिंह कंषाना मध्यप्रदेश स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड, श्री गिर्राज दण्डोतिया मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम, श्री रणवीर जाटव संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम लिमिटेड, श्री जसवंत